तिलौथू रोहतास/ Etv News 24
तिलौथू प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर के वंदना सभा पर आज भगवान बुद्ध की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार सिन्हा ने भगवान बुद्ध के चित्र पर पुष्पार्चन से किया। कार्यक्रम का संचालन बहन शानवी श्री ने की ।इसके लिए सभी कक्षा से एक-एक भैया बहनों को जयंती के अवसर पर भगवान बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालने एवं उनके बताए गए मार्गों का उल्लेख करने के लिए प्रतिभागी के रूप में बुलाया। अपने वक्तव्य में भैया-बहनों ने बताया कि हम सबों के लिए गौरव की बात है कि भगवान बुद्ध को ज्ञान बिहार राज्य के बोधगया में प्राप्त हुआ। इन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की तथा सत्य,अहिंसा, ब्रह्मचर्य एवं सदाचार अपनाने के लिए हम सबों को सिखाया। प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार सिन्हा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध जिन्होंने समाज में व्याप्त तीन प्रकार के घटनाओं को देखा वृद्ध, रोगी और मृत्यु रूप जिससे उनके अंदर वैराग्य की भावना उत्पन्न हुई और वे संन्यासी बन गए। वे विष्णु के नवम अवतार भी थे।तथा उन्होंने समाज को बताया कि अहिंसा हमें प्रेम, करुणा, शांति और सत्य के मार्ग पर चलना सिखाता है। विद्यालय के उप्रधानाचार्य श्री सर्वेशचंद्र मिश्र ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बुद्ध ने अपने बौद्ध धर्म के माध्यम से पांच प्रकार की शिक्षा हमें दी है – जिसमें प्रथम अहिंसा अर्थात् किसी भी जीव की हत्या न करना। दूसरा अस्तेय अर्थात् चोरी न करना । तीसरा ब्रह्मचर्य अर्थात् कामुक आचरण से बचना एवं नैतिक यौन संबंध की भावना रखना। चौथा सत्य अर्थात् हमेशा सत्य बोलना । पांचवा नशामुक्ति अर्थात् नशीले पदार्थों का सेवन से बचना एवं नहीं करना । जिसे हम सबों को अपनाना चाहिए, तभी यह जयंती मनाने का उद्देश्य सफल होगा। अंत में वंदे मातरम के पश्चात् कार्यक्रम संपन्न हुआ।



