तिलौथू रोहतास/हैदर अली/Etv News 24
रोहतास जिला के तिलौथू प्रखंड के सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू में दक्षिण बिहार के प्रांतीय शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद अभ्यास वर्ग का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलन कर किया गया। तिलौथू प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रजनीश कुमार एवं दक्षिण बिहार के द्वय समिति भारतीय शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति और उत्तरी बिहार के लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। बिहार एवं झारखंड के क्षेत्रीय शारीरिक प्रमुख फणीश्वर नाथ ने भी दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर प्रांतीय शारीरिक एवं खेलकूद प्रमुख एवं बांका विभाग के विभाग प्रमुख ब्रह्मदेव प्रसाद ,प्रांतीय शारीरिक प्रमुख राकेश कुमार पाण्डेय, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव लाल बिहारी कोषाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह अध्यक्ष सुमेर कुमार सिंह एवं इस विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य एवं पूर्व प्रकल्प प्रमुख जंगलेश प्रसाद चौरसिया भी उपस्थित रहे। शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद के प्रांतीय सह प्रमुख जीवन राठौर जी, श्री शंभू कुमार एवं श्री चंद्रशेखर कुमार की भी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार सिन्हा ने सभी अतिथियों को अंग वस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना में बोलते हुए श्री ब्रह्मदेव प्रसाद शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद अभ्यास वर्ग के मार्गदर्शन तथा बांका विभाग के विभाग प्रमुख ने कहा कि प्रत्येक वर्ष यह अभ्यास वर्ग आयोजित होती है ।इसका आयोजन इसलिए अति आवश्यक है कि शारीरिक शिक्षा में हो रहे नित्य बदलाव तथा इसका अध्ययन जानकारी रहे। विद्या भारती के केंद्रीय विषयों में इसे प्रथम स्थान पर रखा गया है ।आचार्य का अभ्यास वर्ग अति आवश्यक होता है क्योंकि वे अद्यतन जानकारी सीख कर ही बच्चों को सीखा सकते हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रजनीश कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि कार्य की गुणवत्ता के लिए प्रशिक्षण एवं अभ्यास वर्ग अनिवार्य होता है विद्या भारती राष्ट्रीयता की भावना से बच्चों को उत्पन्न करने वाली एक अच्छी संस्था है।यह प्रशिक्षण शारीरिक अभ्यास वर्ग है इससे शरीर स्वस्थ रहता है और स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ शिक्षा का, स्वस्थ समाज की परिकल्पना की जा सकती है । कार्यशाला का उद्देश्य होता है कि हम आपस में मिलजुल कर सीखें और सिखाएं। इस कार्यक्रम में विद्यालय की संगीताचार्य अनुप्रिया भारती के द्वारा एकल गीत की भी प्रस्तुति की गई ।उत्तरी बिहार एवं दक्षिणी बिहार के प्रदेश सचिव श्री रामलाल सिंह ने अपने संबोधन में प्रशिक्षण के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभ्यास वर्ग में दक्षिणी बिहार के सभी विद्यालयों से आए हुए आचार्य के द्वारा ही एक स्वस्थ भारत की कल्पना की जा सकती है ,क्योंकि यह सभी शारीरिक अभ्यास वर्ग में यहां आए हैं और स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक अति आवश्यक होता है ।यह बच्चों से सीधे संबंध रखते हैं यह अपना शारीरिक स्वस्थ रहेंगे तो उसकी गुणवत्ता अपने बच्चों को भी बताएंगे। भारत देश की परिकल्पना है कि वह पूरी विश्व को स्वस्थ रखें। तभी तो उसने वसुधैव कुटुंबकम् का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल की दुनिया में बच्चों को थोड़े समय के लिए खेलकूद के लिए भी प्रेरित करना चाहिए ।क्योंकि मोबाइल उसे एकांत की ओर अग्रसर कर रहा है। एक वीडियो के माध्यम से उन्होंने दिखाते हुए बताया कि शरीर से स्वस्थ रहें और उसे उत्साहित किया जाए तो बच्चे अपने आत्मबल के सहारे सफलता प्राप्त कर सकते हैं। विडियो में बच्चे ने कहा ईश्वर ने मुझे जन्म जरूर दिया है लेकिन पिताजी ने मुझे जिंदगी जीना सीखाया है। अतः शिक्षक ही पिता के रूप में विद्यालय के भैया बहनों के सही मार्गदर्शक हो सकते हैं। आचार्य को के बारे में उन्होंने कहा की विद्यालय के भैया बहनों को विद्या भारती के लक्ष्य के अनुरूप तैयार करें और अपने कार्य के प्रति आत्मीय लगाव रखें तो सफलता निश्चित मिलेगी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं शारीरिक शिक्षा के उद्देश्यों की भी चर्चा की। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष सुमेर कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में बोलते हुए कहा कि इस विद्यालय का विकास बिना शारीरिक शिक्षा के नहीं हो सकता क्योंकि शारीरिक शिक्षा से शरीर स्वस्थ रहता है।



