करगहर रोहतास /Etv News 24
इमामबाड़ा से अतिक्रमण नहीं हटाने और स्थानीय प्रशासन द्वार ताजिया जुलूस और खेल के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं कराई जाने से आक्रोशित लोगों ने ताजिया को इमाम बाड़ा के लिए लौटा दिया गया । जिससे ताजिया का पहलाम नहीं हो सका । इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन के प्रति लोगों में नाराजगी देखी गई ।खलीफा सनौव्वर राइन और गुड्डू राईन ने बताया कि विगत कई वर्षों से इमामबाड़ा की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए आवेदन पत्र दिया गया है । जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा उच्च विद्यालय का खेल मैदान इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई थी लेकिन इस वर्ष मैदान में पानी भरने की वजह से जुलूस और खेल का आयोजन नहीं किया जा सका । इस मामले को शांति समिति की बैठक में उठाया गया कि इमामबाड़ा की भूमि अतिक्रमण मुक्त किया जाए या ताजिया जुलूस और खेलों के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाए । बैठक में या प्रस्ताव रखा गया कि मैदान में जल जमा होने के कारण प्रखंड परिसर में जुलूस की इजाजत दी जाए । जिसके लिए अंचलाधिकारी और थाना अध्यक्ष को आवेदन पत्र दिया गया । लेकिन जब जुलूस और खेल के लिए करगहर, सेमरी, कौआखोंच और शिवपुर से प्रखंड मुख्यालय ताजिया पहुंची तो स्थानीय प्रशासन ने जुलूस और खेल पर प्रतिबंध लगा दिया । जिससे नाराज लोगों ने ताजिया के साथ इमामबाड़ा लौट गए । खलीफा ने बताया कि जब तक इमामबाड़ा की भूमि उपलब्ध नहीं कराई जाती ताजिया पहलाम नहीं होगा । इस मामले को लेकर लोगों मे काफी नाराजगी है ।अंचलाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि प्रखंड परिसर में स्थित किसान भवन मैदान में जुलूस और खेल के लिए अनुमति दी गई लेकिन वे जुलूस लेकर नहीं पहुंचे ।



