प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर विभूतिपुर, बिहार पूर्व अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य और साइंस फोर सोसाइटी पटना के भंते बुद्ध प्रकाश ने ‘गौरवशाली बिहार के प्रहरी’ मुहिम के तहत आलमपुर डीह वार्ड 13 में लोगों को संबोधित करते हुए शिक्षा और तार्किकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि तार्किक होना भी है। भंते बुद्ध प्रकाश ने पाखंडवाद और अंधविश्वास को समाज के लिए हानिकारक बताते हुए लोगों से किसी भी बात को बिना तर्क के स्वीकार न करने का आग्रह किया।उन्होंने जोर देकर कहा कि विज्ञान ने जिन बातों को स्पष्ट रूप से नकार दिया है, चालाक लोगों ने उन्हें मनगढ़ंत तरीकों से प्रस्तुत कर बहुजनों को उलझा दिया है। भंते बुद्ध प्रकाश ने जादू को विज्ञान का एक प्रयोग बताया और लोगों को यह समझाकर अचंभित कर दिया कि जिसे वे जादू मानते हैं, वह वास्तव में वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस तरह पाखंडियों ने विज्ञान को जादू-टोने का रूप देकर अपनी कमाई का जरिया बना लिया है। उन्होंने अफसोस जताया कि इसी पैसे से पाखंडी अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाकर अधिकारी बनाते हैं, जबकि बहुजन धर्म के नाम पर अंधाधुंध चढ़ावा चढ़ाकर आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं और अपने बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं।भंते बुद्ध प्रकाश ने मृत्यु भोज को एक अभिशाप करार दिया। उन्होंने कहा कि बहुजन स्वर्ग-नर्क के चक्कर में फंसकर पंडितों के कहने पर क्रिया-कर्म करते हैं और अंधविश्वास में अपनी स्थिति बद से बदतर कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में मृत्यु भोज अधिनियम 1960 लागू है, जिसके तहत इस कुप्रथा पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति मृत्यु भोज की सूचना जिला प्रशासनिक अधिकारी को दे सकता है और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी है।इस जागरूकता कार्यक्रम में पत्रकार राम कुमार की दिवंगत पुत्री शोभा कुमारी को भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी गई। कार्यक्रम में राम कुमार, राजाराम महतो, विनय भूषण, धर्मेन्द्र कुमार, अमरजीत कुमार सिंह, रामाश्रय महतो, ब्रह्मदेव महतो, जगदीश महतो, धर्मेन्द्र कुमार, विनेश महतो, मनोज महतो, विष्णुदेव महतो, शिक्षा सेवक सुमन सौरभ, हीरा कुमारी, पुष्पा सिन्हा, द्रौपदी देवी, पूनम देवी, संगीता देवी, सुनैना देवी, सोनम देवी, विमला देवी, शोमा देवी सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की और अंधविश्वास तथा पाखंडवाद को मिटाने का संकल्प लिया। भंते बुद्ध प्रकाश ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षित करें और उन्हें तार्किक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करें ताकि वे समाज में व्याप्त कुप्रथाओं से खुद को और अपने परिवार को बचा सकें।



