कोचस/रोहतास/रमेश कुमार पांडेय/ Etv News 24
सरकार एक तरफ जहां प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान शहरी इलाकों में विकास कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।वहीं, दूसरी तरफ अधिकारियों की अदूरदर्शिता और गैरजिम्मेदाराना हरकतों के कारण कई योजनाएं धरातल पर दम तोड़ रही है.कहीं, देखरेख का अभाव तो कहीं मरम्मती के कारण सरकार के करोड़ों रुपये पानी में बह रहा है।ऐसा ही एक अजीबोगरीब मामला नगर पंचायत क्षेत्र में सामने आया है.जहां, योजनाएं पूरी होने से पहले ही सौंदर्यीकरण के लिए आवंटित सवा तीन करोड़ रुपये शहर के विभिन्न तालाबों में डूब गये.मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 के शुरूआती दिनों में नगर विकास विभाग ने करीब सवा तीन करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन हरियाली योजना के तहत शहर के तीन तालाबों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण करने की स्वीकृति दी।इसमें नगर पंचायत के वार्ड 16 स्थित काली मंदिर पोखरा,वार्ड छह स्थित सूर्य मंदिर पुष्करणी पोखरा और वार्ड आठ परसियां गांव स्थित पोखरा शामिल है.टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित संवेदकों ने युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दी।कार्य शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही संवेदकों के समक्ष आखिर किस तरह की समस्या आई कि उन्हें आधे-अधूरे हालत में कार्य छोड़ना पड़ा या फिर कार्य पूर्ण होने से पहले ही आवंटन राशि समाप्त हो गयी।हालांकि,इस संबंध में नगर प्रशासन भी कुछ स्पष्ट जानकारी देने से परहेज़ कर रहा है।



