कोचस/रमेश कुमार पांडेय/ Etv News 24
श्रीराम के नाम स्मरण मात्र से ही मानव का कल्याण हो जाता है।वह भवसागर के सभी बंधनों से मुक्त होकर परमधाम को प्राप्त करता है.ये बातें नगर पंचायत स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर पुष्करणी पोखरा धाम परिसर में आयोजित रुद्र हनुमत प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ में अयोध्या से पधारे मानस प्रवक्ता रंजीता नंद जी महाराज ने शनिवार को रामकथा के दौरान कही।उन्होंने कहा कि कलियुग केवल नाम अधारा,सुमिरि-सुमिरि नर उतरहूं पारा अर्थात ईश्वर प्राप्ति के लिए कलियुग जैसा कोई पावन और सुलभ युग नहीं हुआ,जहां जीव को ईश्वर के नाम स्मरण मात्र से भवसागर से मुक्ति मिल जाती है.सतयुग,त्रेता,द्वापर में ईश्वर प्राप्ति के लिए बड़े-बड़े अनुष्ठान और यज्ञ किये जाते थे।लेकिन कलियुग में सिर्फ ईश्वर के चरणों में ध्यान व उनके स्मरण मात्र से ही जीव को मोक्ष की प्राप्ति मिल जाती है।रंजीता नंद जी महाराज ने कहा कि रामचरितमानस की हर चौपाई और मंत्र मानव जीवन में लोगों को अच्छी सीख देती है।इसमें कुछ चौपाईयां ऐसी भी हैं,जिसे अल्प समय तक जप करने से मनुष्य को बड़े संकटों से तुरंत छुटकारा मिल जाता है।इसके लगातार जप करने से जीवन में बड़े बदलाव के साथ मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.इससे पूर्व विभिन्न धार्मिक स्थलों से पधारे कथावाचकों ने ईश्वर की विभिन्न कथाओं से श्रोताओं को अवगत कराया।मौके पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष राम प्रपन्नाचार्य जी महाराज उर्फ राणा जी,कमला प्रसाद केसरी,संजय चौधरी,मनोज कुमार राय,राकेश सिंह उर्फ तिवारी बाबा, वशिष्ठ दास साधु जी,बनारसी सिंह, दिलीप केसरी,सुरेन्द्र राय सहित अन्य कई सदस्य उपस्थित थे।



