सासाराम रोहतास/ Etv News 24
गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, सस्ती एवं निर्बाध विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य के 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने की योजना का शुभारंभ किया है।रविवार को विद्युत भवन, पटना से माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा ऑनलाइन माध्यम से 1512 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र अधिष्ठापन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित 1278.03 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ, उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया गया।कैमूर जिला मुख्यालय स्थित माँ मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी कैमूर, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं विद्युत विभाग के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे तथा मुख्यमंत्री के संबोधन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुना।योजना के तहत चयनित बीपीएल एवं कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया जाएगा। लाभार्थियों को इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। सोलर संयंत्र की स्थापना, संचालन एवं रखरखाव का कार्य चयनित एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।इस योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले सोलर संयंत्र से प्रत्येक लाभार्थी परिवार को प्रतिमाह औसतन 125 यूनिट बिजली उत्पादन का लाभ प्राप्त होगा। इससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति में सहूलियत होगी, बिजली खर्च में कमी आएगी तथा स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।कार्यक्रम के दौरान मलिकसराय निवासी लाभुक नंदलाल राम एवं सुग्रीव राम भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना राज्य में अक्षय ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल गरीब परिवारों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी।बिहार सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाकर उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना तथा स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास को नई गति प्रदान करना है।



