प्रशासन बेफिक्र अवैध खनन से खेतों की उर्वरा शक्ति के साथ नदी-नालों के तटबंध हो रहे क्षतिग्रस्त
कोचस/रमेश कुमार पांडेय/ Etv News 24
प्रखंड के ग्रामीण इलाकों से मिट्टी का अवैध खनन कर शहर में तिगुना से अधिक दामों पर बेचने का यह खेल बदस्तूर जारी है.इससे एक ओर जहां शहर की गलियों में हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है.वहीं,दूसरे ओर इस गोरखधंधे में शामिल लोग मालामाल हो रहे हैं.लोगों के अनुसार,ग्रामीण इलाकों के नदी-नालों व उसके आसपास के खेतों से अवैध तरीके से मिट्टी का खनन कर शहर में इसे प्रति ट्राली 800 रुपये से अधिक दामों पर बेचा जा रहा है.शहर में एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए ट्रैक्टर चालक मेन रोड को छोड़ अक्सर लिंक रोड व गलियों का सहारा लेते हैं.इस दौरान शहर की गलियों में मिट्टी लदे ट्रैक्टरों पर तेज आवाज में अश्लील गीत बजाते नाबालिग चालकों को देख स्थानीय लोग भी सकते में आ जाते है.सूत्रों की मानें तो,प्रशासनिक प्रतिबंध के बाद भी प्रखंड में मिट्टी का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है.खनन माफिया बेधड़क अवैध तरीके से मिट्टी लदे ट्रैक्टरों को गतंव्य तक पहुंचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.मिट्टी खनन माफिया दिन-रात मेन और लिंक रोड के रास्ते मिट्टी की तस्करी करने में लगे हुए हैं.इस दौरान मुख्य सड़कों समेत लिंक रोड के रास्ते मिट्टी लदे सैकड़ों ट्रैक्टरों का परिचालन बेरोकटोक जारी है,जैसे मिट्टी माफियाओं की एक तरह से लाॅटरी लगी हुई है.इधर,मिट्टी माफियाओं का अपना एक अलग ही दावा है.मिट्टी खनन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि नदी-नालों के किनारे की जमीन निजी रैयतदारों की है.जिसे मिट्टी खनन के लिए लीज पर लिया गया है.लेकिन,सवाल यह है कि नदी-नालों के किनारे व पैदावार खेतों से 10-12 फीट तक मिट्टी की खुदाई करना जायज है?.इस तरह प्रखंड के विभिन्न गांवों में मिट्टी का अवैध खनन लगातार जारी है.इस संबंध में सीओ विनीत व्यास ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है.इस कारोबार में संलिप्त लोगों को चिन्हित किया जा रहा है.शीघ्र ही बड़े स्तर पर अभियान चला कर कार्रवाई की जायेगी।



