करगहर रोहतास /Etv News 24
करगहर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अरुहीं गांव में मंगलवार की शाम उस समय मातमी सन्नाटा छा गया । जब विभिन्न चैनलों पर काश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में गांव के आईबी अधिकारी मनीष रंजन की मौत की खबर ग्रामीणों ने देखी । मृतक के चाचा आलोक मिश्रा छोटू मिश्रा तथा रतन कुमार मिश्रा के दरवाजे पर लोगों के भीड़ लग गई। वे घटना की जानकारी लेने के लिए बेचैन थे । अरुहीं गांव के निवासी मनीष रंजन पितामह पारस मिश्रा वेस्ट बंगाल के झालिदा में शिक्षक थे तथा पिता मंगलेश कुमार मिश्रा झालिदा में ही प्लस टू के हिंदी के प्राध्यापक थे । उनके तीनों पुत्रों में मनीष रंजन सबसे बड़ा थे । जो रांची में आईबी के सेक्शन अधिकारी थे । जिनका स्थानांतरण विगत वर्ष हैदराबाद में हुआ था । जहां से वे अपनी पत्नी जया मिश्रा व दो बच्चों के साथ पहलगाम भ्रमण पर निकले थे । भाइयों में दूसरा राहुल रंजन जो एफसीआई के अधिकारी हैं और तीसरा विनीत रंजन जो एक्साइज विभाग में अधिकारी हैं । मृतक के चाचा रतन कुमार मिश्रा ने बताया कि परिवार में शादी विवाह या पर्व त्योहार पर तीनों भाई गांव आते जाते रहते। झिलिदा और सासाराम में भी अपना मकान है । लेकिन मंगलेश कुमार मिश्रा और उनकी पत्नी सावित्री देवी वेस्ट बंगाल के खालिदा में ही रहते हैं। जहां से तीनों भाइयों की शिक्षा दीक्षा हुई है ।ग्रामीणों ने बताया कि मनीष रंजन का पूरा परिवार व्यवहार कुशल , शालीन और अत्यंत सरल है । ऐसा किसी को विश्वास नहीं था की इतने कम समय में आतंकियों के कुदृष्टि के शिकार हो जाएंगे । इस तरह कायराना हमला कर निर्दोष लोगों को शिकार बनाने वाले आतंकी संगठनों के आतंकी वख्शे नहीं जाएंगे । उन्हें पूरा विश्वास है कि देश की करोड़ो नागरिकों की संवेदना उनके साथ है ।



