प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर ताजपुर प्रखंड परिसर में फेंका गया थूक को पहले झारू से साफ करवाने फिर पानी से धुलवाने फिर पीड़ित से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने के बाबजूद स्थानीय बंगरा निवासी नाबालिग चितरंजन कुशवाहा को जेल भेजने के उद्देश्य से बीडीओ द्वारा थाना के हवाले किये जाने की मानवता को शर्मशार करने वाली घटना के खिलाफ मंगलवार को भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने मोतीपुर खैनी गोदाम से विरोध मार्च निकाला।नारे लगाते हुए मार्च गांधी चौक पहुंचकर गांधी प्रतिमा स्थल पर सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की।उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 19 जनवरी को समस्तीपुर जिला के ताजपुर प्रखंड के बंगरा पंचायत निवासी चितरंजन कुशवाहा अपने दादाजी का पारिवारिक लाभ योजना की जानकारी लेने ताजपुर प्रखंड कार्यालय गया। लौटते समय गला में खरास आने पर प्रखंड परिसर में थूक फेंक दिया। सीसीटीवी में घटना देखते ही बीडीओ गौरव कुमार प्रखंड कर्मी से लड़के को अपने कार्यालय में बुलवाया फिर जेल भेजने का धमकी देकर झारू से थूक साफ करवाया फिर पानी से धुलवाया। फिर लड़के को अपने कार्यालय में बुलाकर माफी मंगवाया। बीडीओ कार्यालय में चल रहा खाद अनुश्रवण समिति के बैठक में मौजूद भाकपा माले के ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, कांग्रेस के अब्दुल मालिक एवं प्रखंड प्रमुख पुनम देवी द्वारा लड़के को छोड़ देने का आग्रह के बाबजूद सामंती एवं अफसरशाही के रोबदाब वाले बीडीओ ने पुलिस बुलाई, पुलिस के आने में देर होने पर अपने गार्ड के माध्यम से पीड़ित लड़के को जेल भेजने की नियत से थाना के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर जनप्रतिनिधि एवं परिजनों के विरोध के बाद ताजपुर थानाध्यक्ष शनि कुमार मौसम ने पीआर बांड पर लड़के को रिहा कर दिया।इस सामंती, अफसरशाहीपूर्ण एवं मानवता को शर्मशार करने वाली घटना से भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती ताजपुर-समस्तीपुर शर्मशार हुआ है। पीड़ित लड़का, ताजपुर वासी एवं राजनीतिक दलों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर बीडीओ कार्यालय की सीसीटीवी फूटेज की जांच कर बीडीओ पर कारवाई की मांग के बाबजूद अभी तक बीडीओ पर कारवाई नहीं हुई है। भाकपा माले सरकार से मांग करती है कि ताजपुर प्रखंड के बीडीओ पर सख्त अनुशासनिक कारवाई हो और तत्काल उन्हें वहां से हटाया जाए।मौके पर राजदेव प्रसाद सिंह, जवाहर सिंह, सुनील शर्मा, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, महेश्वर शर्मा, धीरेंद्र शर्मा, संजीव राय आदि मौजूद थे।



