सासाराम रोहतास/ Etv News 24
जलसंसाधन विभाग के कार्यशैली पर उठ रहें है अनेको सवाल ?
चेनारी। रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत रोहतास एवं कैमूर के सीमा पर कैमूर पहाड़ियों के आसपास सरकार द्वारा करमचट डैम का अधार शीला व उद्घाटन किये कई साल बितने के बाद भी अभी तक स्थाई अपरेटर की नियुक्ति जल संसाधन विभाग के द्वारा नहीं किया जा सका है। इससे आसपास के ग्रमीणों में काफी रोष व्याप्त है। बतादें कि कैमूर व रोहतास को अलग करने वाली दुर्गावती जलाशय परियोजना किसानों के लिए महत्वकांक्षी योजना थी।कैमूर व रोहतास के किसानों के खेतों की सिचाई के लिए 1976 में तत्कालीन उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम ने दुर्गावती परियोजना की नींव रखी थीं। जो कई सालों से राजनीति की भेंट चढ़ते हुए मुद्दा बन कर लंबित रहा था। लेकिन यह दुर्गावती जलाशय परियोजना साल 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा दुर्गावती जलाशय परियोजना पर पहुंच कर उद्घाटन किया था। जब इस परियोजना का उद्घाटन हुआ था तो किसानों को लगा था कि अब जल्द ही कैमूर व रोहतास जिले की किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने लगेगी।उन्हें सिंचाई के लिए परेशानी नहीं होगीं।

लेकिन उद्घाटन के 11 साल बाद भी न अन्तिम छोर तक किसानों के खेतों में पानी पहुंच पाया और न ही स्थाई अपरेटर की बहाली हो पाई। इस महीने माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा संभावित है जिसके तैयारी को लेकर जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन तैयारी में दिन रात लगी है कई बार डीएम व एसपी का भी दौरा हो चुका है गौरतलब बात यह है कि अगर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसानों से मिलकर उनका दर्द सुनते है तो चेनारी (रोहतास) रामपुर (कैमूर) के किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा यहीं होने वाला है 1.पहला सभी खेतों तक पानी पहुंच सके और 2. दूसरा दुर्गावती डैम पर स्थाई अपरेटर की बहाली।जल संसाधन विभाग अब अस्थाई अपरेटर रखकर किसी तरह भगवान भरेसे काम करवा रहीं है।बता दे कि बिहार सरकार के मुखिया मल्हीपुर और बादलगढ़ में 50 करोड़ रूपया की लगात से बनने वाली ईको टूरिज्म एवं पर्यटन हब की अधारशिला रखने एवं निरिक्षण करने आने की संभावना है।



