करगहर/ रोहतास/Etv News 24
एसडीएम द्वारा प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार कर बैठक से बाहर निकालने के मामले ने तूल पकड़ लिया है । इस मामले को लेकर शनिवार को
आक्रोशित पंचायत समिति सदस्यों ने प्रखंड कार्यालय के सामने जमकर हंगामा किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए । अधिकारियों द्वारा अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर मामले में संज्ञान लेते हुए प्रखंड प्रमुख ने सदस्यों की आपात बैठक बुलाई । जिसमें अमर्यादित व्यवहार कर तानाशाही रवैया अपनाने वाले दोनों अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। जिसकी लिखित सूचना जिला पदाधिकारी व पंचायती राज पदाधिकारी को दिया गया ।
इस संबंध में प्रखंड प्रमुख रिंकी देवी ने बताया कि विगत मंगलवार को दिन में 12 बजे बीडीओ ने जल नल व उर्वरक की कालाबाजारी के लिए आहूत बैठक की जानकारी दी। तब मैंने अपने प्रतिनिधि को बैठक में शामिल होने के लिए भेजा । इस बीच एसडीएम आशुतोष रंजन उनके प्रतिनिधि को देख भड़क गए और अभद्र व्यवहार करते हुए बाहर निकाल दिया । जबकि बैठक में मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश सिंह , राजेश कुमार साह , शकील अहमद सहित कई प्रतिनिधि शामिल थे । उन्होंने बताया कि भावना से ग्रसित होकर बीडीओ के इशारे पर एसडीएम ने उनके प्रतिनिधि को अमर्यादित ढंग से बाहर कर दिया । इस तानाशाही रवैया के विरोध पंचायत समिति सदस्यों की बैठक आयोजित की गई है । जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित कर जिला पदाधिकारी और पंचायती राज पदाधिकारी को लिखित माध्यम से जानकारी दी जाएगी । उक्त दोनों पदाधिकारियों के तानाशाही रवैया के विरुद्ध आंदोलनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई ।
उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों के तानाशाही रवैए से जनप्रतिनिधि त्रस्त हैं । विभिन्न ग्राम पंचायतों में जबरन कमिशन वसूलने को लेकर विकास कार्य बाधित है । वहीं दूसरी ओर इनकी कार्यशैली आम जनता सहित जनप्रतिनिधियों के लिए सही नहीं है ।
जब तक दोनों अधिकारियों को यहां से हटाया नहीं जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा ।
आपात बैठक में पंचायत समिति सदस्य गुड़िया देवी, दुर्गेश ओझा, अरविंद बैठा,राम अवतार गुप्ता,रामा सिंह,मासुम आलम, संतोष तिवारी,रितेश कुमार,रमेश राम,रवि कुशवाहा आदि शमिल थे ।



