महिला सीओ के बड़े खेल का खुलासा
मोतिहारी /बिहार/न्यूज डेस्क/Etv News 24
कर्मचारी के डीसीएलआर के कोर्ट में परिवाद दायर के बाद महिला सीओ समेत दोनो हल्का कर्मचारी पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है।
सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी यह धंधा रूकने का नाम नहीं ले रहा। रूके भी कैसे…पूरा सिस्टम ही इस खेल में लगा है।भू माफियाओं से मिलकर अंचल अधिकारी सरकारी भूमि की दाखिल-खारिज कर दे रहे हैं।एक ऐसे ही मामले का खुलासा हुआ है।पोल खुलने के बाद सीओ ने अपने कर्मचारी से दाखिल खारिज को रद्द कराने को लेकर डीसीएलआर कोर्ट में आवेदन दायर किया है। इधर खेल में शामिल अंचल अधिकारी का 7 जनवरी को ही स्थानांतरण हो गई है।बड़ा सवाल यही है कि बिहार के ऐसे कई जिलों के प्रखंडों में ये खेल जारी है। आपको बतादे की करगहर, कोचस सहित रोहतास जिला कई प्रखंड शामिल हैं। अंचल अधिकारी स्तर से जो खेल किया जा रहा है वो माफ हो जाएगा ।
मोतिहारी के कई अंचलों में नियमों को ताक पर रखकर सरकारी जमीन का बंदरबाट किया जा रहा है। दाखिल खारिज में खेल किया जा रहा है।ताजा मामला मोतिहारी जिले के हरसिद्धि अंचल से जुड़ा है जहां महिला सीओ ने करोड़ो की सरकारी जमीन का दाखिल खारिज कर दिया।जब इसकी भनक क्षेत्र के लोगो मे लगी तो आनन फानन में हल्का कर्मचारी द्वारा दाखिल-खारिज रद्द करने के लिए डीसीएलआर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है।हरसिद्धि अंचल की कारनामे की चर्चा जोरों पर है।चर्चा है कि महिला सीओ ने एक सफेदपोश के फेवर में काम करते हुए करोड़ो के सरकारी जमीन से बिना अतिक्रमण हटाये ही पूर्व से चल रहे अतिक्रमणवाद को खत्म कर दिया।स्थानीय लोगों की मानें तो हरसिद्धि अंचल के कार्यो की अगर सूक्ष्म तरीके से जांच की जाय तो भारी भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।



