करगहर रोहतास
मंगलवार को प्रखण्ड सभागार मे पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गई । जिसकी अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रिंकी देवी ने किया । गत बैठक की संपुष्टि के बाद कार्यवाही शुरू की गई ।अररुआं ग्राम पंचायत के मुखिया राजू सिंह ने यह सवाल उठाया की प्रखंड के 284 वार्डों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल जल योजना के तहत लाखों रुपए की राशि खर्च की गई । लेकिन इनमें 90% वर्षों से बंद पड़े । नल जल योजना का संचालन पीएचईडी के द्वारा किया जा रहा है ।

इसके बावजूद भी ग्राम पंचायतों से प्रत्येक वार्डों में अनुरक्षकों को प्रति माह मानदेय की राशि , रखरखाव पर खर्च तथा 3000 प्रति माह बिजली का बिल भुगतान करना पड़ रहा है । उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत अररुआं में वर्षों से बंद पड़े नल जल योजना का बिजली बिल तीन लाख रुपए विभाग द्वारा भेजा गया । जब संचालन पीएचईडी द्वारा किया जा है तो इसका भुगतान ग्राम पंचायत क्यों करे । इस पर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया । काफी शोर शराबे के बीच बैठक में उपस्थित विधायक संतोष मिश्रा ने कमान संभाली और सदस्यो को शांत कराते हुए बीडीओ अजीत कुमार से इसकी जानकारी देने को कहा। बीडीओ ने बताया कि हाल में ही उनकी पदस्थापना हुई है इसलिए उन्हें जानकारी नहीं है ।वहीं मुखिया निरंजन चौरसिया ने यह सवाल उठाया की प्रत्येक वार्डों में सौर ऊर्जा का संचालन किया जा रहा है । सौर ऊर्जा के लगने के दूसरे दिन ही लाइट गोल हो जाती है। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती । बीपीआरओ की मिली भगत से घटिया किस में का सौर ऊर्जा ग्राम पंचायतों में जबरन लगाया जा रहा है । वही सेमरी ग्राम पंचायत की मुखिया सजदा बेगम ने यह सवाल उठाया की ग्राम पंचायत में 50 से अधिक बीपीएल परिवार के लोग भूमिहीन है। जिनके नाम आज तक गृहवास भूमि का आवंटन नहीं किया गया फल स्वरुप उनके आवास आवंटन नहीं हो सका है । जिसकी वजह से प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित है ।
रामपुर ग्राम पंचायत के बीडीसी अजय कुमार सहित आधा दर्जन सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीडीओ और बीपीआरओ संदीप कुमार चौधरी की कार्य शैली बेहद शर्मनाक है । नैतिकता के आधार पर ऐसी अधिकारियों का यहां से तबादला होना चाहिए । इस पर सदस्यों ने जमकर शोर शराबा किया । प्रखंड और पंचायत कार्यालय में व्याप्त अनियमितता की शिकायत पर भड़के विधायक ने दोनों अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई ।



