किसानों को राहत देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को फील्ड में उतरने का आदेश
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
राजधानी लखनऊ – चक्रवात अर्नब के प्रभाव से प्रदेश में हो रही लगातार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी धान, सरसों, आलू और तिली समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार किसानों और प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। फसल नुकसान के आकलन में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनहानि, पशुहानि और मकान गिरने की घटनाओं में भी पीड़ितों को तत्काल नियमानुसार अनुमन्य मुआवजा देने के निर्देश दिए। बारिश के चलते जिन परिवारों के मकान गिर गए हैं और वे बेघर हो गए हैं, उन्हें तत्काल राहत केंद्रों और शरणालयों में पहुंचाकर भोजन, रहने और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें। अधिकारी पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनें और हरसंभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फसल नुकसान की सूचना टोल फ्री नंबर पर दें किसान
फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को नुकसान की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 और व्हाट्सएप नंबर 7065514447 जारी किया गया है। किसान क्रॉप इंश्योरेंस ऐप तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश से सुलतानपुर जिले के किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खासकर भदैया क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल गिरने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में किसानों की निगाहें अब फसल क्षति के सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया पर टिकी हैं।




