EPIC नंबर डालने पर खुल रहा था दूसरे मतदाता का ब्योरा, जांच में सामने आई खामी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए FIR दर्ज कराने के निर्देश, दो दिन में मांगी रिपोर्ट
यूपी की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की होगी जांच, जिला निर्वाचन अधिकारियों को अलर्ट
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र (127) की मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत जांच में सही पाई गई है। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ मतदाताओं के निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (EPIC) नंबर ऑनलाइन सर्च करने पर संबंधित मतदाता के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति का विवरण दिखाई दे रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने त्रुटियों को तत्काल दुरुस्त करने और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में नामों के साथ बदलाव किए गए हैं। पार्टी के अनुसार, जुलाई से सितंबर के बीच 13,150 मतदाताओं के नाम जोड़े गए। शिकायत की जांच में EPIC नंबर के माध्यम से मतदाता विवरण में विसंगतियां सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पीलीभीत के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और वीआरसी (VRC) ऑपरेटर को मतदाता सूची संबंधी कार्यों से हटाने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए भी रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मतदाता सूची में त्रुटियां किन परिस्थितियों में हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
दो दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीलीभीत जिले की सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों से दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कर निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्वाचन विभाग के इन निर्देशों के बाद अब प्रदेशभर में मतदाता सूचियों की शुद्धता और उनमें दर्ज विवरणों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाली त्रुटियों को दुरुस्त करने के साथ ही लापरवाही के लिए जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।




