एनआईए की जांच में सीमा पार आतंकी नेटवर्क का खुलासा, विदेशी हैंडलरों के संपर्क में काम करने का आरोप
हथियारों और विस्फोटकों की आवाजाही में निभाई अहम भूमिका, नौ आरोपितों के खिलाफ पहले दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
नई दिल्ली/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
हरियाणा के सिरसा स्थित महिला थाने के पास हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चार और आरोपितों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआईए ने 17 अक्टूबर को पंचकूला स्थित विशेष अदालत में राजबीर सिंह उर्फ फौजी, वेद प्रकाश उर्फ पम्मा, जिवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और चिराग ठकराल के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया। यह हमला 25 नवंबर 2025 को महिला थाने के पास किया गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में पहले दर्ज प्राथमिकी को एनआईए ने 30 दिसंबर 2025 को अपने यहां पुन: पंजीकृत कर जांच शुरू की थी। इससे पहले 24 मई 2026 को एजेंसी नौ आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें पाकिस्तानी नागरिक शाहजाद भट्टी और सोहैल अहमद उर्फ सोहैल बलोच के नाम भी शामिल हैं।
सीमा पार नेटवर्क के समन्वयक की भूमिका में राजबीर सिंह
एनआईए की जांच में आरोप लगाया गया है कि राजबीर सिंह उर्फ फौजी भारत में सक्रिय सीमा पार नेटवर्क के समन्वयक के रूप में काम कर रहा था। वह विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में रहकर हथियारों, हैंड ग्रेनेड और मादक पदार्थों के संग्रह तथा उनकी आवाजाही में समन्वय करता था। एजेंसी के अनुसार, चिराग ठकराल, जिवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और वेद प्रकाश उर्फ पम्मा ने राजबीर के निर्देश पर विस्फोटकों को पहुंचाने और उनकी आवाजाही सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाई।
पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने और दहशत फैलाने की साजिश का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि महिला थाने के पास हुआ ग्रेनेड हमला शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों की संगठित साजिश का हिस्सा था। आरोप है कि इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों के बीच भय और दहशत का माहौल पैदा करना था। एनआईए ने मामले में भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
अन्य आरोपितों की तलाश में जांच जारी
एनआईए ने पूरक आरोपपत्र में चारों आरोपितों की कथित भूमिका और आगे की जांच में जुटाए गए साक्ष्यों का उल्लेख किया है। एजेंसी अब साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही हमले के पीछे सक्रिय पूरे सीमा पार नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।




