मिशन निपुण’ के पांच वर्ष पूरे होने पर होगा विद्यालयों में आयोजन – बच्चों में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना है इसका मुख्य उद्देश्य
पटना/बिहार/ Etv News 24
मिशन निपुण’ के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में 1 से 7 जुलाई तक ‘पठन पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। ‘हर दिन कहानी, हर बच्चे की जुबानी’ थीम पर आधारित मिशन निपुण बिहार के इस विशेष अभियान का उद्देश्य बच्चों में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा भाषा दक्षता के विकास को गति देना है।
इसको लेकर शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (समग्र शिक्षा) और प्रखंड शिक्षा अधिकारियों के पास पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि इस कार्यक्रम के तहत दूसरी कक्षा के सभी बच्चे रोज 15 मिनट तक अपनी पसंदीदा भाषा; हिन्दी, उर्दू, बांग्ला, मैथिली या अंग्रेजी में कहानी, कविता या अनुच्छेद का जोर-जोर से वाचन करेंगे। पठन सामग्री का चयन सिलेबस के अलावा स्कूल की लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों एवं अन्य पठन सामग्रियों से किया जाएगा। सामग्री का चयन बच्चों की आयु व कक्षा के अनुरूप स्कूल के शिक्षक करेंगे।
‘पठन पर्व’ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उच्चतर कक्षाओं के विद्यार्थी छोटे बच्चों को जरूरत के अनुसार वाचन में सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही, जो बच्चे किसी कारणवश स्कूल में उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए घर से ही सहभागिता की व्यवस्था की गई है। स्कूल के शिक्षक अपने पोषण क्षेत्र के बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप के माध्यम से कहानियां, कविताएं एवं अन्य पठन सामग्री उपलब्ध कराएंगे तथा जरूरी दिशा-निर्देश साझा करेंगे। अभिभावकों को अपने बच्चों के पठन संबंधी वीडियो रिकॉर्ड कर स्कूल के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इन वीडियो को शिक्षक एवं शैक्षणिक समूहों के बीच प्रेरक उदाहरण के रूप में साझा किया जाएगा ताकि बच्चों में पढ़ने के प्रति रुचि और उत्साह का वातावरण बने। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट एवं डिजिटल माध्यमों से ‘पठन पर्व’ का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। शिक्षा विभाग के सोशल मीडिया मंचों पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा ‘निपुण बिहार’ हैशटैग के जरिए आमजन, अभिभावकों और बच्चों की सक्रिय सहभागिता तय की जाएगी।
शिक्षा विभाग की ओर से इस आशय का पत्र सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) और प्रखंड शिक्षा पधाधिकारियों को भेजा गया है और अपने क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों में ‘पठन पर्व’ का सफल आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग को विश्वास है कि ‘पठन पर्व’ बच्चों में पढ़ने की आदत को सुदृढ़ करेगा।



