तिलौथू रोहतास/ Etv News 24/हैदर अली
तिलौथू प्रखंड स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलौथू में कथित फर्जी शिक्षिका का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के स्पष्टीकरण पत्र के बाद प्रशासनिक सख्ती बढ़ गई है। आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मैकू राम का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।डीईओ कार्यालय से 06 मई 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शिक्षिका नूतन कुमारी से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। इससे पहले 10 मार्च और 07 अप्रैल को भी अभिलेख मांगे गए थे, लेकिन अब तक अपेक्षित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई।पत्र में कहा गया है कि जब तक उपस्थिति पंजी, बैंक स्टेटमेंट और योगदान से जुड़े प्रमाण नहीं दिए जाते, तब तक वेतन स्थगित रहेगा। जांच के दौरान कई अहम सवाल खड़े हुए हैं—शिक्षिका की नियुक्ति या स्थानांतरण का आधार क्या है, उन्होंने विद्यालय में कब योगदान दिया, उपस्थिति पंजी में उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई तथा उनके खाते में वेतन भुगतान का विवरण क्या है। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी गई है।निर्धारित समय सीमा के भीतर अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने से मामले में फर्जीवाड़े की आशंका और गहरा गई है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि लगातार टालमटोल और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराना जांच को प्रभावित करने का संकेत है।बीईओ-डीईओ की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) की निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।नियमों के अनुसार, यदि जांच में नियुक्ति फर्जी पाई जाती है तो सेवा समाप्ति, वेतन वसूली और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई संभव है।



