सासाराम/रोहतास/Etv News 24
बिहार में आयोजित जनता दरबार में एक के बाद एक शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई फरियादियों ने अधिकारियों पर रिश्वत मांगने, मारपीट करने और योजनाओं में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए। एक शिकायत में कहा गया कि दाखिल-खारिज की नकल मांगने पर मारपीट की गई, वहीं आवास योजना के लिए पैसे की मांग का आरोप भी सामने आया।
सीएम बनने के बाद सम्राट ने 3 दिन तक जनता दरबार लगाया, जहां 775 लोग पहुंचे। इनमें 315 फरियादी ऐसे थे, जिन्होंने सीधे अफसरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सबसे ज्यादा मामले भ्रष्टाचार, जमीन विवाद और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े बताए जा रहे हैं। अब सवाल यही उठ रहा है कि जब इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आ रही हैं, तो जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी कमजोर हो चुकी है।



