डेहरी ऑन सोन/रोहतास/Etv News 24
आरएसके पब्लिक स्कूल, बस्तीपुर में विद्यालय के निदेशक आनंद सिंह के दादा जी स्वर्गीय रामजग सिंह की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली से आए मुख्य अतिथि अमितेश्वर आनंद, आईआईटी दिल्ली से शिक्षित एवं एशियन एजुकेशनल डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन के शिक्षा निदेशक, द्वारा किया गया।मुख्य अतिथि अमितेश्वर आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण तभी संभव है जब युवा शक्ति को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शहरों के साथ-साथ गांवों में भी बच्चों को तकनीकी शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरएसके पब्लिक स्कूल प्रबंधन को तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा के लिए जो भी सहयोग चाहिए, वह उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण छात्र-छात्राएं भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकें।विद्यालय के निदेशक आनंद सिंह ने अपने अभिभाषण में कहा कि अब आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बच्चों को कोटा या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं होगी। आरएसके ट्यूटोरियल के माध्यम से विद्यालय परिसर में ही उच्च स्तरीय एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि शिक्षा, क्रीड़ा एवं अन्य विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को 1100 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 700 रुपये तथा अन्य उत्कृष्ट 300 मेधावी छात्र-छात्राओं को 500-500 रुपये के चेक, प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा “या कुन्देंदु तुषार हार धवला” सरस्वती वंदना से की गई, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इसके बाद लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने शिक्षा जागृति, मनोरंजन एवं विभिन्न सामाजिक विषयों पर आधारित गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य राज नारायण सिंह, प्रेमलता शर्मा, उप-प्रधानाचार्य रवि शंकर श्रीवास्तव सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। वहीं बादल गुरु और अमित गुरु ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पूरे कार्यक्रम का वातावरण शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत रहा, जिसने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया।



