प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में पीएम किसान योजना के तहत 21वीं किश्त के हस्तांतरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आन लाइन माध्यम से जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18000 करोड़ रुपए नौ करोड़ से अधिक किसानों के खाते में ट्रांसफर किया। उन्होंने कहा कि उनके आने से पहले बिहार की हवा तमिलनाडु में आ गई है। इस दौरान उपस्थित लोगों ने अपने अंग वस्त्र बिहारी स्टाइल में लहाराये। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से वे काफी जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश नेचुरल फार्मिंग का ग्लोबल हब बनने वाला है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कृषि रूरल इकोनामी को और अधिक बढ़ावा देने वाली है। उन्होंने कहा कि कृषि निर्यात पिछले कुछ वर्षों में दो गुना हो गया है। सरकार किसानों को हर तरह से सहयोग करने को लेकर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सरकार की विभिन्न कृषि हित की योजनाओ की उपलब्धियों की भी चर्चा की।इस कार्यक्रम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने शिरकत की। कार्यक्रम में लगभग पांच सौ किसानों ने भाग लिया जिसमें लगभग तीन सौ महिला किसान थीं।। कार्यक्रम में बोलते हुए श्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को न सिर्फ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किया जा रहा है बल्कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी भी घर तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों के घर घर तक जाकर उन्हें जानकारी दे रहे हैं। विश्वविद्यालय में लगातार मशरूम उत्पादन एवं विभिन्न फसलो के उत्पादन के साथ साथ किसानों को मार्केटिंग और डिजिटल एग्रीकल्चर की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन दीदी योजना के तहत विभिन्न राज्यों के दो सौ से अधिक महिलाओं को ड्रोन पायलट बनाया गया है इसके अतिरिक्त अन्य चार पांच सौ लोगों को पायलट बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से जो विभिन्न कृषि यंत्र बनाये गये हैं वे काफी उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने विभिन्न फसलों के उन्नत बीज का अविष्कार किया है। उन्होंने कहा कि इन बीजों को ग्रामीण स्तर पर भी वितरण के लिए आउटलेट बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले तीन वर्षों में शिक्षा अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में काफी बेहतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने विभिन्न फसलों के लगभग 23 उन्नत प्रभेद विकसित किया है, 13 से अधिक पेटेंट प्राप्त किया है।विश्वविद्यालय के छात्रों ने देश और विदेश में प्रतिष्ठित फेलोशिप प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रौशन किया है।कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय संकल्प से सिद्धि की ओर अग्रसर है। देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने को लेकर शाट टर्म, मिड टर्म और लांग टर्म योजना के तहत योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसानों को केंद्र में रखकर और उनसे फीडबैक लेकर अपने अनुसंधान चला रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान परिषद की बैठक से पूर्व वे स्वयं प्रसार सलाहकार समिति के दौरान तीन सौ से अधिक किसानों से उनकी समस्याओं पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले सिर्फ चार पांच किसान ही सलाहकार समिति में थे लेकिन अब तीन सौ से अधिक किसानों के साथ सीधे संवाद किया जाता है और उसी अनुरूप अनुसंधान परियोजनाएं बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों में पढाई के साथ साथ राष्ट्र भक्ति और राष्ट्र सेवा की भावना को भी विकसित करने को तैयार कर रहा है । इसी अनुरूप सिलेबस में भी बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी केवीके और अन्य आउटलेट के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध करवा रहा है।आने वाले समय में इसे और सुदृढ किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान निदेशक अनुसंधान डॉ ए के सिंह ने किसानों को आसान भाषा में विश्वविद्यालय में चल रही अनुसंधान परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निदेशक प्रसार शिक्षा डा रत्नेश झा ने विश्वविद्यालय मे विकसित विभिन्न प्रभेदों के बीज और उन्नत तकनीकों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले श्री रामनाथ ठाकुर ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रदर्शित विभिन्न उन्नत प्रभेद एवं तकनीकों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान डीन पीजीसीए डा मयंक राय, निदेशक बीज डॉ डी के राय , निदेशक शिक्षा डा उमाकांत बेहरा, डा राकेश मणि शर्मा, डॉ कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा ईश प्रकाश ने किया जबकि डॉ विनिता सत्पथी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।



