प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
कल्याणपुर प्रखंड के बरहेता गांव में संचालित एनिमल वेलफेयर फाउण्डेशन ट्रस्ट के उप संचालक मधुमाला देवी और सचिव संजीव कुमार देव ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों और मवेशियों को हाइवे, एक्सप्रेस वे, सरकारी संस्थाओं, अस्पतालों से हटाने का निर्देश दिया है, लेकिन सरकार इसके लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं कर रही है।सुप्रीम कोर्ट ने अपने मौखिक आदेश में कहा है कि सभी राज्य सरकारों को इसका सख्ती से पालन करना होगा, वरना अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। पशु प्रेमियों का कहना है कि सरकार पशुओं की सेवा और इलाज के लिए चिकित्सालय और डॉक्टर की व्यवस्था नहीं कर रही है, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो रही है।सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि हर जिले में कुत्तों को रखने और देखभाल के लिए सेन्टर होनी चाहिए, और उन्हें रैबीज वैक्सीन लगाई जानी चाहिए। लेकिन सरकार इस निर्देश का पालन नहीं कर रही।पशु प्रेमियों ने सरकार के इस रवैये पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि सरकार को पशुओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए, न कि उन्हें हटाने का आदेश देना चाहिए। सरकार को पशुओं की सेवा और इलाज के लिए चिकित्सालय और डॉक्टर की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके।



