करगहर रोहतास/Etv News 24
केंद्र सरकार द्वारा बुजुर्ग नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान कार्ड दिया गया है । जिसके तहत प्रति बुजुर्ग को पांच लाख रुपए की राशि से इलाज का प्रावधान है । लेकिन बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की जगह अस्पताल संचालकों की नजर सरकारी राशि पर है । जिनकी जाल में फंसे कर एक 80 वर्षीय बुजुर्ग ने आंख की ऑपरेशन कराई । जिससे उसके आंखों की रोशनी सदा के लिए चली गई । इस संबंध में पीड़ित ने स्थानीय थाना में शुक्रवार को अस्पताल संचालक और चिकित्सकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है । प्रखंड क्षेत्र के डिभियां निवासी 80 वर्षीय शिवपूजन साह ने बताया कि वह बीपीएल का सदस्य भूमिहीन मजदूर व्यक्ति है । आंखों से काफी कम दिखाई देने लगा तो वह सासाराम स्थित साई नेत्रालय एंड हॉस्पिटल में गया । जहां आंख दिखने के बाद डॉक्टर ने बिना जांच किए उसी दिन यानी 17 मार्च 20 25 को ऑपरेशन कर दिया । जब सुबह आंख की पट्टी जब खुली तो आंखों के सामने अंधेरा छा गया । शिकायत पर डॉक्टरों ने आंख में दवाएं डालने को कहा । 20 दिनों बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल पहुंचे । जहां चिकित्सक ने कहां की दवा डालते रहिए ठीक हो जाएगा । इस प्रक्रिया में पांच माह गुजर गए लेकिन रोशनी वापस नहीं आई । तो 18 अगस्त को पुनः शिकायत करने के लिए पहुंचा तो डॉक्टर और कर्मियों ने अभद्रता करते हुए डांट फटकार कर भगा दिया । इलाज के लिए बुजुर्ग दौड़ लगाते थक चुका लेकिन किसी ने कोई सहायता नहीं की । तब उसने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को आवेदन पत्र देकर शिकायत की । इसके बावजूद भी आज तक उसकी आंखों की जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन नहीं किया गया । तब बुजुर्ग नेअस्पताल के संचालक और चिकित्सकों के विरुद्ध आयुष्मान कार्ड का फर्जी तरीके से राशि निकासी करने और आंख का गलत ऑपरेशन कर रोशनी समाप्त करने का आरोप लगाया है। एफआईआर में जीवन यापन के लिए 25 लाख रुपए मुआवजा की राशि की मांग की गई है ।थानाध्यक्ष कमल नयन पांडेय ने बताया कि बुजुर्ग के आवेदन पत्र के आलोक में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है ।



