प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर जिले में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। शुक्रवार को समस्तीपुर के प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों से अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए।
बाढ़ से पहले पूरी हो व्यवस्था: मंत्री का निर्देश!
बैठक की शुरुआत डीएम रोशन कुशवाहा द्वारा मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजय लक्ष्मी को पौधा भेंट कर स्वागत से हुई। इसके बाद बैठक में बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए तटबंधों की मरम्मत, बाढ़ आश्रय स्थलों की पहचान, नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री वितरण जैसी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।आपदा प्रबंधन के अपर समाहर्ता राजेश सिंह ने जानकारी दी कि नावों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है और नाविकों का पंजीकरण भी पूरा कर लिया गया है। राहत सामग्री के लिए निविदा प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। वहीं जिला पशुपालन पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी समय रहते कर ली गई है।
सभी विभागों ने दी अपनी प्रगति रिपोर्ट
बैठक में लघु जल संसाधन विभाग, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, PHED सहित अन्य विभागों के कार्यपालक अभियंताओं ने बाढ़ पूर्व की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया।
मत्स्य विपणन किट का वितरण और योजनाओं का निरीक्षण :
इसी दिन अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजय लक्ष्मी एवं मंत्री श्रवण कुमार ने जिले में मत्स्य विभाग की योजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने 20 मत्स्य पालक कृषकों को मत्स्य विपणन किट और मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत 5 लाभुकों को ₹47.94 लाख का डमी चेक सौंपा।जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि विपणन किट का उद्देश्य स्वच्छ एवं ताजी मछली उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। चौर विकास योजना के तहत बेकार पड़े जल स्रोतों को विकसित कर किसानों को मत्स्य उत्पादन से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।गौसपुर सरसौना में रेणु देवी द्वारा संचालित बायो फ्लॉक टैंक, मछली हैचरी और अलंकारी मछलियों की इकाई का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं निशांत कुमार के बायो फ्लॉक टैंक का भी निरीक्षण कर विभागीय अनुदान से किए गए निर्माण की समीक्षा की गई।



