करगहर रोहतास /Etv News 24
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लकवा जैसी बीमारी का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है । इस पक्षाघात से शरीर का अंग काम करना बंद कर देता है । सीएचसी और सदर अस्पताल में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है फल स्वरुप मरीजों के परिजन मजबूरी में ग्रामीण चिकित्सकों से इलाज करने के लिए विवश है । प्रखंड के डिभियां गांव में विगत जनवरी माह में लकवा जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आने से 10 लोग शारीरिक व मानसिक विकलांगता के शिकार हो चुके हैं । जिसे लेकर ग्रामीण एक अनहोनी आशंका से भयभीत है । ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल में हुई गड़बड़ी की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है । हैंड पंप का पानी गर्म करने के पश्चात ठंडा होने पर पानी में काफी मात्रा में उजाला पदार्थ देखने को मिलता है । पेयजल में अशुद्धता के कारण गांव के अधिकांश ग्रामीण हड्डी के रोग से ग्रसित है । उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी बीमारी है इसके बारे में पहले से लोगों को पता नहीं चलता और अचानक शरीर का अंग काम करना बंद कर देता है । उन्होंने बताया कि विगत जनवरी माह में डिभियां निवासी धर्मराज सिंह, शिव बदन सिंह व उनकी पत्नी सोना परी देवी ,रंग बहादुर सिंह, रामा मुन्नी सिंह,वृज मोहन साह, मुरत साह की पत्नी आरती देवी , डोमा राम की पत्नी बासमती देवी ,अंगद राम की पत्नी कुसूम देवी , राजेश्वर पासवान की पत्नी रेखा देवी सहित 10 ग्रामीण लकवा , पक्षाघात या पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हुए हैं । उन्होंने बताया कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीएचडी विभाग और बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय को कई बार आवेदन पत्र दिया गया लेकिन कार्रवाई नहीं की गई ।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंदन कुमार ने बताया कि लकवा एक वायु रोग जनित बीमारी है । जिसे पैरालिसिस , लकवा और पक्षाघात के नाम से जानते हैं । इसमें मांसपेशियों की कार्य विधि प्रभावित हो जाती है । इस हालत में शरीर के किसी एक भाग की मांसपेशियां काम नहीं करती है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति तब आती है जब मांसपेशियों और मस्तिष्क के बीच संचार सही ढंग से नहीं हो पाता है। उन्होंने बताया कि खान-पान ,पेयजल की शुद्धता की वजह से व्यक्ति लकवा से ग्रसित हो सकता है ।



