प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
कल्याणपुर प्रखंड के चकमेहसी थाना क्षेत्र के मालीनगर वार्ड 8 के स्वर्गीय महेश्वर लाल महथा के पुत्र चंदन कुमार ने स्थानीय थाने में प्राथमिक की दर्ज कराते हुए कहा है, कि मेरे तीन पुत्र पुत्री क्रमशः 6 वर्षीय तरुण कुमार 4 वर्षीय पुत्री तान्या कुमारी व दो वर्षीय तनिष्क कुमार पुत्र को मेरी दूसरी पत्नी 23 फरवरी की मध्य रात्रि में बिछावन से उठाकर एक-एक कर मेरे तीनों पुत्र पुत्रीयों को घर के बगल कुएं में एक-एक कर सोए हुए अवस्था में फेंक डाला। जब मैं सोया था तो पत्नी जाकर कहीं जो तीनों बच्चे नहीं हैं। पूरे गांव में इस बात को लेकर बिजली की तरह बात फैल गई ग्रामीणों के सहयोग से चारों ओर खोज बीन मैं जब पता नहीं चला तो 112 की पुलिस सूचना पर पहुंचकर तलाश शुरू कर दी। थाना अध्यक्ष संतोष कुमार यादव पुलिस बल के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए पहुंचे। लगातार 6 घंटे तक लापता बच्चों को बरामद को लेकर खोज चलती रही। बाद में एक ग्रामीण ने देखा कि कुएं में एक बच्चे का हाथ दिखाई दे रहा है। ग्रामीण चंदन पासवान की मदद से कुएं से बच्चों को मृत अवस्था में निकाली गई। बरिये पुलिस पदाधिकारी एसपी साहब अशोक कुमार मिश्रा डीएसपी विजय महतो दो पहुंचे। छानबीन के दौरान पुलिस को मेरी पत्नी ने बताया कि मैंने ही एक-एक करके बगल के कुएं में अपने सबसे पहले छोटे बच्चे को तब दूसरे को अंत में बड़े लड़के को फेंका जिससे तीनों की मौत हो गई। इसका कारण मेरे पति से बराबर झगड़ा झंझट होते रहता था। मैंने पति से पुराने टोटो बचने के पैसे मांगे मेरे पिता पैसे की जरूरत थी, उसने नहीं दिया, मैं आक्रोश में आकर अपने ही बच्चों की जान ले ली।पति ने बताया कि मेरी दो शादी थी पहली शादी से कोई बच्चा नहीं हुआ। वह भाग गई। मैंने अपने संबंधी में ही शादी किया था।वे लोग दिल्ली रहते थे। जिनका संबंध मेरे गांव में था। दूसरी मेरी शादी अंतर जातीय विवाह हुई। वारिसनगर थाना क्षेत्र के चंदौली गांव के प्रमोद दास की पुत्री के साथ-साथ 7 साल पूर्व हुई थी । पत्नी के व्यवहार को लेकर मैं बराबर अपनी सास चंदा देवी से कहता था कि यह ठीक से नहीं रहती है। लेकिन मेरे सास ससुर इसको बराबर बढ़ावा ही देते थे। मृतक बच्चों के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने हमे सौपा। विधिवत दाह संस्कार किया। इधर थाना अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने बताया कि पुलिस के पूछताछ के दौरान ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी महिला साइको है। सोमवार के अपरहण उसे जेल भेजा गया। दर्ज प्राथमिकी के आलोक में अग्रसर कार्रवाई जारी।इनसेट घटना के दूसरे दिन भी मालीनगर ठहरा टोले में मातम परसा रहा। शाम होते ही अगल-बगल के लोग को इस घटना के बाद भयावह लग रहा था चंदन के घर की ओर जाने से भी लोग कतरा रहे हैं। इसके घर पर सन्नाटा पसरे रहने से कोई चलह कदमी नहीं होने से भयानक दिख रहा था। दूसरे दिन भी स्थानीय समाज सेवी लोग चंदन को शांतना दे रहे थे। चंदन का रोते-रोते बुरा हाल देखा गया। उसका कहना है कि बार-बार हमें बच्चों की याद आती है फकप फकप रोने लगता था। हालांकि लोग उसे ढाढस देने में लगे थे।



