कैमूर बिहार/ Etv News 24
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल तथा दुर्गावती जलाशय परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकासात्मक, उपचारात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक के दौरान बाढ़ नियंत्रण, जल प्रबंधन, तटबंधों एवं सुरक्षात्मक संरचनाओं की स्थिति तथा दुर्गावती जलाशय परियोजना से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
जिले में वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है तथा सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी की जा रही है। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी तटबंधों, गाइड बांधों एवं अन्य सुरक्षात्मक संरचनाओं की 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर अभियंताओं की नियमित उपस्थिति एवं सतत क्षेत्र भ्रमण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि किसी भी संभावित रिसाव अथवा कटाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
बैठक में अवगत कराया गया कि जलस्राव लगातार घटने के क्रम में है। अनुमान है कि अगले एक दिन के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी। वर्तमान में जिले की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा जिले के किसी भी हिस्से से किसी प्रकार की जनहानि अथवा अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।किसी भी संभावित आपातकालीन निकासी की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है, जो पूरी तरह मुस्तैद है। जिला पदाधिकारी द्वारा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक राहत एवं बचाव सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया।कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल द्वारा बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति के लिए लगभग 10,000 बालू भरी बोरियों का सुरक्षित भंडारण कर लिया गया है।
आपदा प्रबंधन के लिए पर्याप्त पूर्व तैयारी
बैठक के दौरान प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन शाखा द्वारा संभावित बाढ़ एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए की गई पूर्व तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।जलभराव अथवा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं बचाव कार्यों के लिए 12 नावों के साथ एकरारनामा किया गया है। इसके अतिरिक्त 815 पॉलिथीन शीट्स, 29 लाइफ जैकेट्स एवं 01 महाजाल का सुरक्षित भंडारण किया गया है तथा 19 कुशल गोताखोरों को चिह्नित कर सूचीबद्ध किया गया है।प्रभारी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि उपलब्ध मानव एवं तकनीकी संसाधनों तथा राहत सामग्रियों का आवश्यकतानुसार जमीनी स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
दुर्गावती जलाशय परियोजना की समीक्षा
बैठक में दुर्गावती जलाशय परियोजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजना से जुड़े विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति एवं तकनीकी पहलुओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई।जिला पदाधिकारी द्वारा जल संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन शाखा के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान एवं बेहतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया। उन्होंने सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
जिला पदाधिकारी ने किया विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण
समीक्षा बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों रतवार , मोहनिया पंप हाउस , बेलौड़ी , कुदरा तथा दुर्गावती नदी स्थित राजेश्वर नगर घाट का स्थलीय निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों से मौके पर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण किए गए स्थलों पर जलस्तर सामान्य पाया गया तथा किसी भी प्रकार के जलजमाव अथवा खतरे की स्थिति नहीं देखी गई।दुर्गावती नदी स्थित राजेश्वर नगर घाट के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया। ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया गया।जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थिति में पूरी सतर्कता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें तथा आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।माननीया विधायक, मोहनिया विधानसभा, श्रीमती संगीता देवी भी अपने विधानसभा क्षेत्र में जिला पदाधिकारी के साथ क्षेत्रीय निरीक्षण में शामिल हुईं तथा मौके पर स्थिति का जायजा लिया।स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, मोहनिया, प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन शाखा, कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बक्सर, कार्यपालक अभियंता, दुर्गावती बाँध प्रमंडल-1, कार्यपालक अभियंता, दुर्गावती बाँध प्रमंडल-2 तथा संबंधित सहायक एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।




