सासाराम/रोहतास/ Etv News 24
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) को लेकर जिला पदाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बैंक एवं जीविका के प्रतिनिधि मौजूद रहे।बैठक में आगामी जनगणना प्रक्रिया के तहत 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक चलने वाली स्व-गणना (Self Enumeration) को सफल बनाने के लिए कई आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा गया कि कम से कम 40 प्रतिशत जनगणना स्व-गणना के माध्यम से पूर्ण की जाए।अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर-बैनर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों—जैसे जीविका, ICDS, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ऊर्जा, नगर एवं आवास—के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाए।बैठक में जनगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, जिसके आधार पर देश की नीतियां तय होती हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।*ऐसे करें स्व-गणना (Self Enumeration):*जनगणना के लिए निर्धारित पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसमें राज्य (Bihar) का चयन, मोबाइल नंबर, OTP सत्यापन, पता और मैप पर घर चिन्हित करने के बाद जनगणना से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देना होगा।प्रक्रिया पूरी होने पर 11 अंकों का Self Enumeration ID प्राप्त होगा, जिसे 2 मई से 31 मई 2026 के बीच संबंधित प्रगणक को देना होगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रगणक द्वारा इसमें सुधार भी किया जा सकेगा।अधिकारियों ने बताया कि स्व-गणना से न केवल प्रगणकों का कार्य आसान होगा, बल्कि आंकड़ों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।



