प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में , “क्लाइमेट रेजिलिएंट इंडेक्स” या जलवायु लचीलापन सूचकांक विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बोलते हुए कुलपति डॉ पी एस पांडेय ने कहा कि जलवायु लचीलापन सूचकांक बताता है कि कोई देश जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति कितना मजबूत या कमजोर है, और जलवायु जोखिम सूचकांक मापता है कि देश और समुदाय चरम मौसमी घटनाओं (जैसे तूफान, बाढ़, लू) से कितने प्रभावित होते हैं और उनसे उबरने में कितने सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन के आर्थिक सहयोग से विश्वविद्यालय द्वारा विकसित यह सूचकांक काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भविष्य के कृषि के लिए जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है और इससे निपटने के लिए अभी से उपाय किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के सहयोग से विश्वविद्यालय जलवायु परिवर्तन को लेकर वैज्ञानिकों की एक बड़ी टीम के साथ कार्य कर रही है और इससे पूरे देश को फायदा होगा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद आईएआरआई नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक प्रसार डॉ आर एन पदारिया ने कहा कि विश्वविद्यालय ने जिस प्रविधि से इस सूचकांक को विकसित किया है वह काफी उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ पांडेय के नेतृत्व में विकसित किये गये इस सूचकांक से देश भर में जलवायु अनुकुल कृषि को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान कर रहा है और दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में विश्वविद्यालय में हो रहे विकास कार्यों की काफी चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि कुलपति डॉ पांडेय जहां भी जाते हैं वहां की पूरी कार्य संस्कृति को बदल देते हैं। विश्वविद्यालय को निदेशक अनुसंधान डॉ ए के सिंह ने जलवायु लचीलापन सूचकांक के विभिन्न आयामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि क्षेत्रीय मानकों को ध्यान में रखकर विकसित किये गये इस सूचकांक से नीति निर्माताओं और किसानों को काफी सहुलियत होंगी । निदेशक प्रसार शिक्षा डा रत्नेश झा ने कहा कि इस सूचकांक को इस तरह से विकसित किया गया है कि कोई भी किसान जलवायु परिवर्तन के विभिन्न मानकों को आसानी से समझ सकता है। प्रदान नई दिल्ली के विशेषज्ञ मानस सत्पथी ने इस सूचकांक के उपयोग के बारे में जानकारी दी। रिलायंस फाउंडेशन के प्रभात झा ने रिलायंस फाउंडेशन के कारपोरेट रिस्पांसिबिलिटी कार्यक्रम को बारे में जानकारी दी और बताया कि संस्थान ग्रामीण विकास के लिए क्या कार्य कर रही है । कार्यक्रम के दौरान डॉ एस पी लाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के दौरान कालेज आफ फिशरीज के डीन डॉ पी पी श्रीवास्तव, कालेज आफ बेसिक साइंस के डीन डॉ अमरेश चंद्रा, स्कूल आफ़ एग्री-बिजनेस के निदेशक डॉ रामदत्त, डॉ घनश्याम झा, डॉ रवीश चंद्रा, डॉ कुमार राज्यवर्धन समेत विभिन्न शिक्षक वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।



