प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर।न्याय की राह को आसान और त्वरित बनाने की दिशा में समस्तीपुर जिले में आयोजित लोक अदालत ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को लगे लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित सैकड़ों मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया, जिससे वादकारियों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई।सुबह से ही न्यायालय परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। बैंक ऋण विवाद, चेक बाउंस,बिजली-पानी बिल, मोटर वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति, पारिवारिक विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत में रखा गया। न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और बैंक अधिकारियों की संयुक्त कोशिश से बड़ी संख्या में मामलों का त्वरित समाधान संभव हो सका।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस लोक अदालत में यह संदेश भी दिया गया कि लंबे समय तक मुकदमेबाजी से बेहतर है आपसी सहमति से विवादों का समाधान। कई ऐसे वादकारी, जो सालों से अदालत के चक्कर काट रहे थे, उन्हें एक ही दिन में न्याय मिलने से मानसिक और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिली।लोक अदालत के दौरान समझौते के बाद न केवल मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि बड़ी राशि की वसूली और मुआवजे का वितरण भी किया गया। इससे न्यायिक प्रणाली पर बढ़ते बोझ को कम करने में भी मदद मिली।जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे अपने छोटे-बड़े विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। समस्तीपुर में आयोजित यह लोक अदालत न सिर्फ त्वरित न्याय का मंच बनी, बल्कि यह साबित कर गई कि संवाद और सहमति से न्याय अधिक प्रभावी और मानवीय हो सकता है।



