प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर :टीम द उम्मीद(राष्ट्रीय सेवा योजना और एनसीसी के पूर्ववर्ती कैडेट्स द्वारा संचालित सामाजिक संस्था) का बड़ा मानवीय कदम — असम के बिछड़े बच्चों को सुरक्षित परिजनों से मिलायाजहाँ उम्मीद होती है, वहाँ रास्ते खुद बन जाते हैं…”इसी विश्वास को साकार करते हुए टीम ‘द उम्मीद’ ने एक बार फिर कर दिखाया ऐसा कार्य, जिसने सबका दिल छू लिया।दिनांक 5 नवम्बर 2025 को टीम के एक सदस्य द्वारा अपने परिवार से बिछड़े हुए बच्चों को टीम द उम्मीद को सुपुर्द किया गया।टीम ने तत्काल असम के तमुलपुर जिला पुलिस और बच्चों के परिजनों को सूचना दी।मामले को गंभीरता से लेते हुए तमुलपुर पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष टीम गठित की। बच्ची की सुरक्षा के दृष्टिकोण के लिए टीम द्वारा RPF के उपस्थिति चाइल्ड हेल्पलाइन के निगरानी में दिया गया,जब तक असम पुलिस और बच्चे के अभिभावक समस्तीपुर नहीं आ जाते! शुक्रवार को असम पुलिस टीम और बच्चों के परिजन समस्तीपुर पहुंचे, जहाँ Child Welfare Committee की देखरेख में सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की गईं। इसके बाद टीम द उम्मीद ने, बच्चों को उनके परिजनों और तमुलपुर पुलिस को विधिवत सौंप दिया गया। इस मानवीय कार्य के लिए असम पुलिस प्रशासन ने टीम द उम्मीद को सम्मानित किया।टीम ने बच्ची को कपड़े और स्टेशनरी किट्स भेंट किए तथा उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।द उम्मीद के संस्थापक ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस इस बच्ची के पोस्टों को शेयर! जिसकी वजह से वह अपने परिवार वालों से मिल पाए! मौके पर टीम द उम्मीद के उपाध्यक्ष आदेश, गर्ल विंग मेंबर ब्यूटी कुमारी, बोर्ड मेंबर नवनीत कुमार, अरुण जी, असम पुलिस टीम एवं CWC पदाधिकारी उपस्थित रहे।



