प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर समस्तीपुर में बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाह के खात्मे के लिए काम कर रहे नागरिक समाज संगठन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र नें जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा को सौंपे गए एक ज्ञापन में जिले में दिवाली से 26 जनवरी तक बाल विवाह के खिलाफ एक सघन और व्यापक अभियान चलाने में सहयोग मांगा। ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के लगभग एक साल पूरे होने जा रहे हैं और जिला प्रशासन के नेतृत्व में समस्तीपुर में इसे मिली सफलताओं को और गति देने के लिए इस विशेष अभियान की आवश्यकता महसूस की जा रही है। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र नें कहा कि जिले में अब भी बाल विवाह की समस्या मौजूद है और इसी के मद्देनजर दीपावली से लेकर 26 जनवरी तक जिले में बाल विवाह के खिलाफ एक व्यापक और सघन अभियान में जिला प्रशासन का सहयोग मांगा गया है। जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 450 से भी ज्यादा जिलों में काम कर रहे 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी है।जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार नें कहा, “हमारा मानना है कि ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ की सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण कानून पर सख्ती से अमल है और इसी के नतीजे में लोगों की सोच में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की सफलता नें यह साबित कर दिया है कि यदि सरकार व समाज एकजुट होकर प्रयास करें तो बाल विवाह की रोकथाम संभव है। इस अभियान में अग्रिम मोर्चे पर खड़े अकेले जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नें हीं पिछले दो सालों में सरकार, पुलिस व प्रशासन के सहयोग से देश भर में लगभग चार लाख बाल विवाह रोके और रुकवाए हैं।”ज्ञापन में मांग की गई है कि जिला प्रशासन एक सर्कुलर जारी कर विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित वर्ग जैसे पंडित, मौलवी और पादरी के अलावा इसमें सेवाएं देने वाले अन्य लोगों जैसे बैंड वाले, विवाह भवन वाले और कैटरर्स आदि को स्पष्ट हिदायत दे कि बाल विवाह में किसी भी तरह की मदद गैरकानूनी है और इसके लिए उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।ज्ञापन में उन पंचायतों जहां पिछले साल भर में एक भी बाल विवाह नहीं हुआ है, की पहचान में जिला प्रशासन से सहयोग का अनुरोध किया गया ताकि उन्हें अगले साल बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया जा सके। इसके अलावा, जिन पंचायतों से बाल विवाह की खबरें मिली हैं, वहां जागरूकता अभियान चलाए जाएं। साथ ही, मांग की गई कि जिला प्रशासन एक सर्कुलर जारी कर हिदायत दे कि बाल विवाह में किसी भी तरह का सहयोग करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र नें पिछले एक साल में बाल विवाह की रोकथाम के मोर्चे पर अभूतपूर्व सफलताओं के लिए सरकार, जिला प्रशासन व पुलिस से मिले सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि बाल विवाह मुक्त समस्तीपुर का सपना जल्द ही वास्तविकता में तब्दील होगा और 26 जनवरी तक चलने वाला यह अभियान बाल विवाह के खात्मे की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर समस्तीपुर जिला में इडेन पब्लिक स्कूल, बलभद्रपुर में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता इडेन पब्लिक स्कूल के निदेशक ब्रजकिशोर कुमार, संचालन एक्सेस टू जस्टिस की परियोजना समन्वयक दीप्ती कुमारी नें किया। मौके पर महिला विकास निगम की डॉली कुमारी, वन स्टॉप सेंटर से गौरव कुमार और राकेश कुमार, आशा सेवा संस्थान के अमित कुमार, जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के शुभम कुमार और रानी कुमारी उपस्थित थे।



