घटना के बाद अस्पताल का बोर्ड हटाया, संचालक समेत सभी कर्मी फरार!
मृतका के स्वजनों से गुपचुप ढंग से किया समझौता, पुलिस को नहीं लगी भनक!
प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
कल्याणपुर प्रखंड के थाना क्षेत्र के कलाजार चौक स्थित एक अवैध अस्पताल में गर्भपात कराने पहुंची महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान लदौरा डीह टोला वार्ड संख्या 10 निवासी छतेनदर राय उर्फ नेगरु राय के पुत्र बिशनदेव राय की पत्नी नीलम देवी (33 वर्ष) के रूप में हुई। बताया गया कि नीलम देवी चार बच्चों की मां थीं और शनिवार की शाम वह कल्याणपुर कालाजार परिसर के आगे स्थित एक निजी अस्पताल महादेव अस्पताल में इलाज के लिए गई थी। स्थानीय सूत्रों की मानें तो वह गर्भपात कराने के उद्देश्य से अस्पताल में भर्ती हुई। जहां इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्वजन हंगामा करने लगे। हालांकि, जल्द ही सभी को कुछ स्थानीय लोगों की मदद से समझा बुझाकर शांत कराया गया। इसके बाद अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया और आनन-फानन में अस्पताल के बोर्ड को उखाड़ दिया गया। साथ ही अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अस्पताल कई वर्षों से बिना किसी मान्यता और मानक के चल रहा था। यहां न तो कोई योग्य चिकित्सक तैनात था और न ही कोई स्वास्थ्य सुरक्षा सुविधा उपलब्ध थी। महादेव अस्पताल में पहले भी इस तरह की लापरवाहियों की चर्चा होती रही है लेकिन, कभी कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई। *प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मौन!* इन दिनों कल्याणपुर चौक पर आसपास के इलाके में दर्जनों अवैध अस्पताल का संचालन हो रहा। यहां न तो कभी कोई चिकित्सक पहुंचते न ही मानक के अनुरूप कोई व्यवस्था आदि है। विभाग व स्थानीय पुलिस भी इस पर मौन धारण किए रहता। इन अस्पतालों में अवैध रूप से गर्भपात जैसे गोरखधंधा किया जाता है। लेकिन, कार्रवाई नहीं होती। यदा कदा कोई जांच टीम पहुंच भी जाती तो कुछ नजराना आदि दे कार्रवाई से अस्पताल संचालक बच निकलते। यह मामला एक बार फिर अवैध और लापरवाह तरीके से संचालित हो रहे निजी अस्पतालों की पोल खोलता है। यदि समय रहते प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की होती तो शायद नीलम और उनके अजन्मे शिशु की जान बचाई जा सकती थी।*सही जांच की मांग और कार्रवाई की दरकार!*स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि क्षेत्र में चल रहे सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की जाए और जो मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तत्काल बंद किया जाए। पंचायत के सरपंच दिलीप कुमार ठाकुर ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वह स्वयं अस्पताल पहुंचे। लेकिन, अस्पताल में ताला बंद मिला। उन्होंने कहा कि महिला की मौत कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में बराबर इस तरह की घटना हो रही। स्वस्थ्य विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। ताकि, ऐसे फर्जी अस्पताल बंद हो सके। उन्होंने कहा कि अब भी दर्जनों अवैध अस्पताल खुले हैं। चिकित्सक कभी यहां नहीं आते। लेकिन, बोर्ड पर बड़े बड़े डिग्री धारियों के नाम लिखे हैं। *पुलिस को नहीं लगी भनक।*स्थानीय थाना की दुरी महज कुछ कदम की है। लेकिन, थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। महिला की मौत पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि मीडिया के द्वारा जानकारी संज्ञान में आया है। स्थानीय चौकीदार से पूरे मामले की जानकारी मांगी है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



