पटना बिहार/ Etv News 24
बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर निजी ट्यूशन और कोचिंग पढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक ट्यूशन पढ़ाते हुए पाया गया या उसकी शिकायत मिली, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जो नौकरी समाप्ति तक जा सकती है। ट्यूशन पर पूर्ण प्रतिबंध: सरकारी शिक्षक अब स्कूल समय के दौरान ही नहीं, बल्कि अन्य समय में भी ट्यूशन नहीं पढ़ा सकेंगे। छात्रों के लिए भी सख्ती: स्कूल अवधि में छात्रों को ट्यूशन नहीं पढ़ने की सख्त हिदायत दी गई है। बायोमीट्रिक हाजिरी: गर्मी की छुट्टियों के बाद सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी जाएगी। प्री-स्कूल की शुरुआत: सभी प्रारंभिक विद्यालयों में प्री-स्कूल चलाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे आंगनबाड़ी से अलग बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सुव्यवस्थित किया जाएगा। समर कैंप और लाइब्रेरियन की नियुक्ति: बच्चों के समग्र विकास के लिए समर कैंप का आयोजन किया जाएगा और सभी सरकारी स्कूलों में लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जाएगी। सरकार का उद्देश्य: इन सभी कदमों का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिससे शिक्षा प्रणाली में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।



