प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
ठंड पक्षियों को भी लगती है। इस मौसम में थोड़ी सी देखभाल करके हम उनकी मदद कर सकते हैं ।पन्ना ,पवई, शासकीय माध्यमिक शाला नारायणपुरा पर्यावरण प्रेमी शिक्षक सतानंद पाठक ने स्कूल में निर्मित बगिया में पक्षियों को दाना पानी रखते हुए लोगों से आग्रह किया कि सर्दियों में पक्षियों के पंखों की नमी और सिकुड़ी हुई चोंच हर रोज एक नई चुनौती का सामना करती है । भोजन की कमी ,पानी का जम जाना या ठंडा होना और ठंडी हवाओं का थपेड़ा । इन नन्ही चिड़ियों के लिए सर्दियों का हर पल मुश्किल से बीतता है। इस मौसम में उनके लिए केवल दाना पानी रखना ही काफी नहीं होगा, बहुत कुछ है जो हम उनके लिए कर सकते हैं ।1.भूख मिटाने का प्रयास ठंड में लड़ने के लिए केवल चावल के दाने काफी नहीं होंगे। उनके लिए तरह-तरह का भोजन रखें जो उन्हें इस ठंड में ताकत दे सके। क्या करें-।बाजरा, चावल, मक्का, सूरजमुखी के बीज या सूखे मेवे उनके लिए उपयुक्त भोजन है ।भोजन को एक खुले बर्तन या जमीन पर रखें, ताकि पक्षी बिना डरे वहां जाकर खा सके। इसके अलावा घर के पुराने डिब्बो से फीडर बनाकर उसमें बीज या रोटी के टुकड़े डाल सकते हैं । 2..जीवन की धारा ठंडे मौसम में पानी खोजना पक्षियों के लिए चुनौती पूर्ण हो जाता है । वहीं ठंडा पानी पीने से उन्हें अधिक ठंड लगेगी। क्या करें!साफ़ कटोरे में समान तापमान का पानी भरकर ऐसी जगह रखें, जहां भी आसानी से आ सके। जब भी मौका मिले ताजा पानी भर दे। ३.सर्दी से बचाव की छतपक्षियों को सर्द हवाओं से बचने के लिए एक सुरक्षित आश्रय बहुत जरूरी है । क्या करें!बगीचे या बालकनी में लकड़ी या घास से छोटे-छोटे घोसले बना सकते हैं ।उन्हें ऐसी जगह लगाए जहां भी ठंडी हवाओं और शिकारी जानवरों से सुरक्षित रह सके। साथ ही ,पास में एक बल्ब भी लगा सकते हैं जो उसे स्थान को गर्माहट देगा । हरियाली से मदद करें………… घर में झाड़ी नुमा पौधे आदि लगा सकते हैं जिसमें पक्षी बैठ सकते हैं ।कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक श्रीमती माया खरे, पर्यावरण प्रेमी शिक्षक सतानंद पाठक ,सिद्धार्थ सागर छात्र छात्राएं शामिल रहे।



