लखपति दीदी योजना में तेजी लाने के निर्देश, चार ब्लॉकों का प्रदर्शन 35 प्रतिशत से कम
परिवार संतृप्तिकरण में जिले की 25वीं रैंक पर जताया असंतोष, पांच ब्लॉकों को नोटिस जारी करने के निर्देश
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत लखपति दीदी कार्यक्रम एवं अन्य योजनाओं की जनपद स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक हुई। इसमें स्वयं सहायता समूहों के गठन, परिवार संतृप्तिकरण, लखपति दीदी कार्यक्रम और विभिन्न वित्तीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समूह गठन में जिले की 14वीं रैंक, चार ब्लॉकों की प्रगति 35 प्रतिशत से कम वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 14,100 स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य दिया गया है। जनवरी से सितंबर 2026 तक 10,575 समूहों के गठन के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष महज 4,099 समूहों का गठन हुआ है। इस प्रदर्शन के चलते जिले की प्रदेश स्तर पर 14वीं रैंक है। इस पर सीडीओ ने असंतोष जताते हुए समूह गठन की गति बढ़ाने और रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। धनपतगंज, जयसिंहपुर, कादीपुर और कूरेभार ब्लॉकों की प्रगति 35 प्रतिशत से कम मिलने पर संबंधित अधिकारियों को विशेष प्रयास करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपेक्षित परिणाम नहीं देने और कार्य में लापरवाही बरतने वाले ब्लॉक मिशन प्रबंधकों (बीएमएम) के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार संतृप्तिकरण में पांच ब्लॉकों को नोटिस, आजीविका गतिविधियों पर जोर
परिवार संतृप्तिकरण में जिले की प्रदेश स्तर पर 25वीं रैंक होने पर भी सीडीओ ने नाराजगी जताई। धीमी प्रगति वाले जयसिंहपुर, कादीपुर, पीपी कमैचा, कूरेभार और दूबेपुर ब्लॉकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) और कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) की ब्लॉकवार समीक्षा भी की गई। कम प्रगति वाले ब्लॉकों को लक्ष्य के अनुरूप काम करने तथा असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले नोडल ब्लॉक मिशन प्रबंधकों से स्पष्टीकरण लेने के लिए उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया गया।
लखपति दीदी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के चिह्नांकन, लखपति सीआरपी के चयन और आजीविका रजिस्टर में प्रविष्टियां पूरी करने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने सभी ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए आजीविका संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। विभिन्न कैडरों का प्रशिक्षण समय से पूरा कराने को भी कहा गया।
उन्होंने संबंधित विभागों को अपनी योजनाओं की जानकारी उपायुक्त स्वतः रोजगार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। सीडीओ ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में उपायुक्त स्वतः रोजगार, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्यान अधिकारी, मत्स्य अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, जिला पूर्ति अधिकारी, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला प्रोबेशन विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों सहित जिला मिशन प्रबंधक तथा सभी ब्लॉकों के ब्लॉक मिशन प्रबंधक मौजूद रहे। अंत में उपायुक्त स्वतः रोजगार ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आंकड़ों की स्पष्टता: समूह गठन की गणना के अनुसार 4,099 ÷ 10,575 × 100 = 38.76 प्रतिशत उपलब्धि है। कुल वार्षिक लक्ष्य 14,100 के मुकाबले उपलब्धि 29.07 प्रतिशत है। इसलिए खबर में दोनों आंकड़ों का आधार अलग-अलग स्पष्ट किया गया है।




