करगहर रोहतास/Etv News 24
सेमरी रोड़ में स्थित प्राइवेट विद्यालय के हॉस्टल से रविवार की शाम दो छात्रों के लापता होने की सूचना पर परिजनों के होश उड़ गए । काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने अपहरण का मामला दर्ज कराया । यह मामला ऐसे समय में दर्ज किया गया । जहां मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित है । मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी, एसडीपीओ सहित अन्य पदाधिकारीयों ने जांच शुरू कर दी । घटना रविवार की शाम उस समय घटी जब छात्रों के नाना और मामी बच्चों को हॉस्टल के मुख्य दरवाजे के अंदर कर गांव चले गए । जब देर रात विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों को हॉस्टल से अनुपस्थित होने की सूचना परिजनों को दी गई तो उनके होश उड़ गए । काफी खोजबीन के बाद जब दोनों बच्चों का कहीं पता नहीं चला तो परिजनों ने अपहरण का मामला दर्ज कराया ।घटना के संबंध में बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी बूटन चौधरी अपने साला के साथ जालंधर के एक प्राइवेट कंपनी में कार्य कार्य करते हैं । इधर कुछ दिनों से बूटन चौधरी की पत्नी संजू देवी जालंधर चली गई । कब से उनके दोनों बच्चे थाना क्षेत्र के जगदत पुर निवासी शिव परसन चौहान उर्फ नागा चौहान के साथ रहने लगे । जिन्होंने बच्चों का भविष्य देखते हुए उनका नामांकन सेमरी रोड में स्थित बाल विकास विद्यालय मैं कर दिया तथा उनकी व्यवस्था विद्यालय में स्थित हॉस्टल में कर दिया ।बच्चों के नाना ने बताया कि रविवार को दोनों बच्चे 12 वर्षीय दुर्गेश कुमार और 10 वर्षीय रीकेश कुमार को दिन में 3 बजे हॉस्टल से सिर का बाल कटवाने के लिए ले गए और बच्चों की आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी करने के बाद हॉस्टल के मुख्य द्वार पर अंदर जाने को कहा । बच्चे जब अंदर चले गए तो वे आश्वस्त होकर गांव लौट गए । देर रात विद्यालय से बच्चों के अनुपस्थित होने की सूचना मिली । तो वे खोजबीन करने लगे। जब कोई सुराग नहीं मिला तो थाना में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के लापता होने की जानकारी बच्चों के माता-पिता और उसके मामा को दी गई । इस बीच घटना की सूचना पर सोमवार की देर रात एसपी, एसडीपीओ देश संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी । आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंघाला गया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला ।मंगलवार को 10 बजे दिन में बच्चों के मामा संजय चौहान ने जालंधर रेलवे स्टेशन से बच्चों के बरामद होने की जानकारी जगदतपुर निवासी अपने पिता को दी।एसडीपीओ कुमार वैभव ने बताया कि जांच के क्रम में यह बात सामने आई कि दोनों बच्चे हॉस्टल में लौटना नहीं चाहते थे बावजूद मामी के डर से हॉस्टल में चले गए । परिजनों को जालंधर से सुरक्षित थाना लाने को कहा गया है । वापस आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि किस वजह से दोनों जालंधर गए।



