प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर में एक 11 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई है। पड़ोसी पर हत्या का आरोप है। इनके घर से खून से सने हुए कपड़े मिले हैं। बच्चे की लाश मिलने के बाद स्थानीय लोग गुस्सा गए और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने आरोपी पड़ोसी और उसकी मां को हिरासत में लिया है।मामला बंगरा थाना क्षेत्र के रहीमाबाद गांव का है। मृतक की पहचान मन्टुन साह के बेटे आयुष कुमार के रूप में हुई है। आयुष बुधवार दोपहर 2 बजे स्कूल से घर लौटा था। इसके बाद पड़ोस का एक युवक उसे मछली पकड़ने के लिए बुला ले गया। शाम तक जब आयुष घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उस युवक से पूछताछ की। युवक ने कहा कि उसे नहीं पता, आयुष तो घर चला गया।मृतक के भाई ने बताया कि अगली सुबह इख़री के खेत में आयुष का गला रेता हुआ शव मिला। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक और उसकी मां को पकड़ लिया। आरोपी के घर से खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। युवक और उसकी मां के कपड़ों पर खून लगा था।*अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था आयुष!*आयुष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो छोटी बहनें हैं। इसमें 9 साल की अंजली कुमारी और 8 साल की अनुष्का कुमारी शामिल है। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही बंगरा थाने सहित आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।*मछली मारने के दौरान हुआ था झगड़ा।*परिवार के लोगों का कहना है कि मृतक और आरोपी दोनों का घर आमने-सामने है। साथ मछली मारने हमेशा जाया करता था । दो दिन पहले दोनों में मछली मारने के दौरान विवाद हुआ था। कल फिर से मछली मारने के लिए गया, तो वापस नहीं लौटा। परिवार वालों को शक है कि मछली मारने को लेकर हुए विवाद के कारण ही आयुष की गला काटकर हत्या की गई है।इस मामले में पुलिस ने आरोपी और उसकी मां को भी हिरासत में लिया है और जिससे पूछताछ की जा रही है।प्रभारी डीएसपी आशीष राज ने बताया कि घटना की सूचना मिलते वे भी घटनास्थल पर पहुंचे। खेत से बच्चे की लाश मिली है। एफएसएल की टीम ने भी कार्रवाई की है। मामले की जांच की गई। आरोपी-मां बेटा को हिरासत में लिया गया है। उससे पुलिस पूछताछ कर रही है ।डीएसपी ने बताया कि आक्रोशित लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया गया है। मृत किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। विधि व्यवस्था सामान्य है।



