प्रियांशु कुमार समस्तीपुर बिहार/Etv News 24
समस्तीपुर में दो बाइक पर सवार चार अपराधियों ने भाजपा नेता रूपक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। अपराधियों ने रूपक को करीब 5 गोलियां मारी थीं, जिनमें से एक गोली शरीर के अंदर फंसी मिली, जबकि बाकी चार आर-पार निकल गईं। इस घटना के बाद मृतक के भाई दीपक सहनी ने कहा कि सम्राट चौधरी गृह मंत्री हैं और हम लोग उनकी पार्टी के लिए काम करते हैं, फिर भी उनकी ही पार्टी के नेता की हत्या हो गई। अगर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसी घटना हो सकती है तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे होगी?इस मामले में समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में खानपुर थानाध्यक्ष रंजीत चौधरी को निलंबित कर दिया गया। घटना के 40 घंटे बाद रूपक कुमार का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें पूर्व मंत्री हरि सहनी भी शामिल हुए।रूपक सहनी शादीपुर में इंटरनेट कैफे और ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। उनके बड़े भाई दीपक सहनी भाजपा के मीडिया सेल से जुड़े हैं। पिछले वर्ष खानपुर की नीलम सहनी भाजपा उत्तरी की जिलाध्यक्ष बनी थीं, जो रूपक और दीपक की रिश्तेदार हैं। इसके बाद दोनों भाइयों ने पार्टी सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया। दीपक को मीडिया प्रभारी और रूपक को शादीपुर बूथ अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी।घटना की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। शादीपुर घाट के सोनू और मोनू चौधरी ने रूपक की दुकान से कुछ दूरी पर एक दुकान खोली थी, जहां कथित तौर पर शराब का अवैध कारोबार भी होता था। रूपक ने इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस छापेमारी हुई। इसी बात से नाराज होकर सोनू और मोनू ने रूपक के इंटरनेट कैफे में तोड़फोड़ की। इसके बाद दोनों भाइयों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिससे दुश्मनी और गहरी हो गई।परिवार का आरोप है कि आरोपियों की पुलिस से मिलीभगत थी और उन पर पहले भी कार्रवाई नहीं हुई। रूपक के भाई दीपक ने बताया कि पिछले 8 महीनों से लगातार रूपक को जान से मारने की धमकी मिल रही थी और इसकी शिकायत भी पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हत्या से पहले रूपक ने अपने मोबाइल में पूरी घटना रिकॉर्ड करने की कोशिश भी की थी।हत्या के बाद गुरुवार सुबह आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की दुकान में आग लगा दी और सड़क जाम कर विरोध जताया। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।



