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JNU में बढ़ी फीस पर ‘जंग’: पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों में भीषण भिड़ंत

JNU में बढ़ी फीस पर ‘जंग’: पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों में भीषण भिड़ंत

जेएनयू में सोमवार की सुबह शुरू हुआ हंगामा और बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हॉस्टल फीस वृद्धि और हॉस्टल टाइमिंग हटाने को लेकर छात्र लंबे समय से इसे लागू न करने की मांग कर रहे हैं। सोमवार की सुबह यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दिन हजारों छात्र सड़क पर आकर प्रदर्शन करने लगे। कैंपस में चारों तरफ पुलिस लगा दी गई. यहां पढ़ें इस पूरे मामले से जुड़ी लाइव अपडेट्स।जेएनयू कैंपस गेट के बाहर चल रहे प्रोटेस्ट के कारण मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक करीब साढ़े चार घंटे कैंपस के भीतर फंसे रहे।गेट के बार भारी संख्या में स्टूडेंट प्रोटेस्ट कर रहे थे। स्टूडेंट मांग कर रहे हैं कि जब तक कुलपति उनसे मिलने नहीं आते हैं, वो वहां से नहीं हटेंगे।यहां प्रोटेस्ट कर रहे छात्र प्रतिनिधि से एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल ने मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि वो इस मामले का संज्ञान लेंगे।एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक फीस वृद्धि सहित विभिन्न मुद्दों पर जवाहरलाल नेहरू छात्रसंघ (JNUSU) विरोध प्रदर्शन कर रहा है।ये प्रदर्शन शाम को भी जारी है. शाम तीन बजे के करीब पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हाथापाई हुई, विश्वविद्यालय परिसर के बाहर जारी है।दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में 11 नवंबर को तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसके विरोध में जेएनयू छात्र संघ ने सुबह विरोध मार्च निकाला। यह विरोध मार्च हॉस्टल फीस बढ़ोतरी और ड्रेस कोड के मसले पर हो रहा है। छात्र, वाइस चांसलर के खिलाफ जेएनयू कैंपस के बाहर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं।छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी संख्या में सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं। प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों को जवानों ने टांगकर बस में बैठाया है। बाद में प्रदर्शन को बढ़ता देख छात्रों का खदेड़ने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।जेएनयू छात्र संघ की अगुवाई में सोमवार को दीक्षांत समारोह के दिन छात्र उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र संघ की मांग है कि फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया जाए। छात्र संघ ने छात्रों से अपील करते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुटने और मार्च में शामिल होने के लिए कहा है। छात्र संघ का कहना है कि जब छात्रों का सस्ती शिक्षा नहीं मिल रही तो दीक्षांत समारोह की क्या जरूरत है।छात्रों की मांग है कि हॉस्टल में कोई सर्विस चार्ज ना लिया जाए, ना ही हॉस्टल में कोई ड्रेस कोड लागू किया जाए। इसके अलावा छात्रों की मांग है कि हॉस्टल में आने-जाने के टाइम की पाबंदी को खत्म किया जाए।दरअसल, यूनिवर्सिटी ने 23 अक्टूबर से जेएनयू कैंपस के गेट बंद करने का नया नियम लागू किया था। इसकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विभाग के डीन की ओर से मिले एक नोटिस के जरिए छात्रों को ये दी गई। इस नोटिस में रूम नंबर 16, कॉमन रूम्स और एसआईएस 1 व एसआईएस टू के मेन गेट को लेकर नया नियम लागू किया गया है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने प्रशासन पर कैंपस के गेट शाम छह बजे के बाद बंद करने के नए नियम पर विरोध जताया। AISA ने कहा कि कैंपस के गेटों को शाम छह बजे बंद कर देना आवाजाही की स्वतंत्रता को सीमित करना है।

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